jyotish sikhiye

कर्ज़ किस दिन लें किस दिन चुकाएँ

कर्ज़ कैसे जल्दी उतरे, कर्ज़ कब लें कब लौटायें , वार के अनुसार : आज सभी को कभी ना कभी अपना कोई बड़ा या महत्वपूर्ण कार्य करने के लिये कर्ज़ लेना ही पड़ता है। ज्योतिष मे कुछ ऐसे नियम है जिनके अनुसार कर्ज़ लेने पर आप आराम से कर्ज़ को बिना किसी परेशानी के लौटा सकते हैं। मुख्य रूप से आप वार, तिथि, नक्षत्र और राहु काल का समय जानकार उनके अनुसार कर्ज़ का लेनदेन करके कर्ज़ को बिना अतिरिक्त परेशानियाँ उठाये लौटा सकते हैं। आज हम जानेंगे की सप्ताह मे जो सात वार होते हैं उनका प्रयोग कर्ज़ के लेनदेन में कैसे किया जाना चाहिये :- वार का चयन : कब दें : कब लें :- रविवार :- इस दिन ना तो कर्ज़ देना चाहिए ना लेना चाहिए। सोमवार :- इस दिन कर्ज़ दिया भी जा सकता है और लिया भी जा सकता है। मंगलवार :- मंगलवार को भूल कर भी कर्ज़ ना लें। इस दिन लिया हुआ कर्ज़ चुकाना बहुत मुश्किल होता है। मंगलवार को लिया हुआ कर्ज़ सम्बन्ध खराब हो जाने की वजह बनता है। मंगलवार का प्रयोग कर्ज़ लौटने के लिए करे। हर बार आप मंगलवार को किश्त नहीं लौटा सकते तो पहली किश्त मंगलवार को जरूर लौटाएँ और फिर जितनी भी किश्त आप मंगलवार को लौटा सकते है लौटाएँ। बुधवार :- बुधवार को भूल कर भी कर्ज़ ना दें । इस दिन दिया हुआ कर्ज़ वापस मिलना बहुत मुश्किल है। कर्ज़ ले सकते हैं देना नही है। गुरुवार :- गुरुवार को भी कर्ज़ ना दें । कर्ज़ ले सकते हैं देना नही है। शुक्रवार :- इस दिन कर्ज़ दिया भी जा सकता है और लिया भी जा सकता है। शनिवार :- शनिवार को दिया हुआ कर्ज़ या लिया हुआ कर्ज़ देर से वापस आता है या चुकाया जाता है। ऊपर दिए गए नियमों के अनुसार कर्ज़ का लेनदेन करने पर आप कर्ज़ आसानी से वापस पा सकते हैं या लौटा सकते हैं। जय प्रकाश ज्योतिषशास्त्राचार्य एवं वास्तुशास्त्राचार्य पायरा वास्तु एक्सपर्ट एवं साइंटिफिक वास्तु एक्सपर्ट Director (Energy Vaastu) Team Head (Learn and Cure)

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Tips for happy married life : सुखमय वैवाहिक जीवन के उपाय

ना चाहते हुए भी छोटी छोटी बातो पर झगड़ा हो जाता है। ऐसे लोगो के लिए ज्योतिष और वास्तु के आसान उपाय……… सुखी वैवाहिक जीवन सभी का सपना होता है लेकिन सभी लोग इतने खुशकिस्मत नही होते की उनको खूबसूरत वैवाहिक जीवन मिले। कईं का वैवाहिक जीवन तो उनके अपने कर्मों की वजह से तनाव भरा होता है। ऐसे लोगो की तो कोई मदद नहीं कर सकता मगर कुछ ऐसे दम्पत्ति भी होते है जो आपस मे अच्छे ढंग से रहना चाहते हैं और अक्सर कहते हैं कि ना चाहते हुए भी छोटी छोटी बातो पर झगड़ा हो जाता है। ऐसे लोगो के लिए मै कुछ ज्योतिष और वास्तु के आसान उपाय नीचे दे रहा हूँ :- ज्योतिषीय उपाय :- सुखमय वैवाहिक जीवन का नैसर्गिक कारक शुक्र ग्रह है। इसके अलावा जन्मकुण्डली का सातवां भाव और उसका स्वामी वैवाहिक जीवन की स्थिति के लिए जिम्मेदार है। ↣ शुक्रवार के दिन पत्नी शाम या रात को खीर बनाये उसमे गुलाब की खुशबू डाले और पति पत्नी दोनो एक दुसरे को रात्रि मे बैडरूम मे सोने से पहले खिलाएं। ↣ समस्या अधिक हो तो पति पत्नी दोनो शुक्रवार को व्रत रखें। दोनो नही रख सकते तो पत्नी रख ले। ↣ पति पत्नी दोनों गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करें। ↣ तुलसी का पौधा घर के पूर्व, उत्तर अथवा ईशान कोण मे लगाएं। ↣ तुलसी के पौधे के सम्मुख देसी घी का दीपक जलायें और पानी मे हल्दी और कुमकुम डाल कर चढ़ायें।   वास्तुशास्त्र के उपाय :- ↣ बैडरूम नैरूत कोण, दक्षिण या पश्चिम दिशा मे बनायें। ↣ सोते समय सर दक्षिण दिशा की ओर रखें। ↣ आग्नेय कोण मे यदि किचन नही है तो लाल रंग का जीरो वाट का बल्ब वहां पर जला कर रखें। यह धन भी बढ़ायेगा। ↣ हार्मोनी पिरामिड को घर मे लगायें। ↣ बैडरूम मे अपने रोमांटिक फोटोज फ्रेम करवा कर लगवायें। ↣ घर मे कैक्टस या कांटे वाले पौधे ना लगायें। इन उपायों के बाद भी यदि आपको लाभ नही मिले तो अपनी जन्मकुण्डली किसी योग्य ज्योतिषी को दिखायें क्यूंकि इसका मतलब है की आपका सातवां भाव या सातवें भाव का स्वामी सप्तमेश या फिर दोनों पीड़ित है और उनके उपायों की भी साथ मे आवश्यकता है। जय प्रकाश ज्योतिषशास्त्राचार्य एवं वास्तुशास्त्राचार्य पायरा वास्तु एक्सपर्ट एवं साइंटिफिक वास्तु एक्सपर्ट Director (Energy Vaastu) Team Head (Learn and Cure)

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